One-Day Interdisciplinary National Seminar on Youth Power and Future of India: Challenges and Solutions

One-Day Interdisciplinary National Seminar on Youth Power and Future of India: Challenges and Solutions” (युवा शक्ति और भारत का भविष्य: चुनौतियां और समाधान)
Monday, January 12 · 11:00am – 3:30pm
Time zone: UTC
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Video call link: https://meet.google.com/dci-vfic-vou

एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
विषय: युवा शक्ति और भारत का भविष्य: चुनौतियाँ और समाधान
दिनांक: 12 जनवरी 2026
आयोजक: बी.एन. कॉलेज, भागलपुर (IQAC एवं NSS के संयुक्त तत्वावधान में)
स्थल: कॉलेज गैलरी (कक्ष संख्या–3)
बी.एन. कॉलेज, भागलपुर में 12 जनवरी 2026 को स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके पश्चात विश्वविद्यालय कुलगीत तथा महाविद्यालय सांस्कृतिक परिषद द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत किया गया। सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण किया गया।
स्वागत संबोधन में प्रधानाचार्य एवं कार्यक्रम संरक्षक डॉ. अनिरुद्ध कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा जनसंख्या वाला देश है और युवाओं को अनुशासन, धैर्य एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ राष्ट्र निर्माण में अग्रसर होना चाहिए। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. आरती कुमारी ने विषय-प्रवेश कराते हुए युवाओं को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया।
संगोष्ठी में डॉ. अर्चना साह (DSW, TMBU), डॉ. दीपो महतो (प्रधानाचार्य, TNB कॉलेज), श्री विजय कुमार वर्मा (प्रांत प्रमुख, विवेकानंद केंद्र – मुख्य वक्ता), प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार ठाकुर (कुलसचिव, BNMU), प्रो. (डॉ.) क्षमेंद्र कुमार सिंह, प्रो. (डॉ.) फारूक अली, एवं प्रो. (डॉ.) ए.के. रॉय (पूर्व कुलपति) ने अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने युवाओं में चरित्र निर्माण, अनुशासन, सर्वधर्म समभाव, सही दिशा, कौशल विकास एवं नेतृत्व क्षमता के विकास पर बल दिया। आभासी माध्यम से प्रो. (डॉ.) शैफाली रॉय (पटना विश्वविद्यालय) एवं डॉ. रजनीश कुमार (नगर कार्यपालक पदाधिकारी, परसा) ने शिक्षा, जनसांख्यिकीय लाभांश, स्टार्टअप एवं कौशल-आधारित रोजगार पर मार्गदर्शन किया।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अनिरुद्ध कुमार ने युवाओं को लक्ष्य निर्धारण, निरंतर परिश्रम और अनुशासन अपनाने का आह्वान किया तथा कहा कि शिक्षक एवं शैक्षणिक संस्थान युवाओं के मार्गदर्शक हैं। उन्होंने सफल आयोजन हेतु सभी के सहयोग की सराहना की।
कार्यक्रम में सह-संयोजक डॉ. बलिराम प्रसाद सिंह एवं श्री बिजेंद्र कुमार यादव, आयोजन सचिव डॉ. अंबिका कुमार, डॉ. मोहम्मद इरशाद अली एवं डॉ. अमित किशोर सिंह सहित विभिन्न समितियों—भोजन, स्वागत, प्रमाण-पत्र वितरण, प्रेस एवं मीडिया, मंच एवं उद्घोषणा, तकनीकी, अनुशासन एवं प्रोटोकॉल तथा सांस्कृतिक समिति—के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रारंभिक सत्र का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंबिका कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। संगोष्ठी अत्यंत सफल, प्रेरणादायी एवं उद्देश्यपूर्ण रही, जिससे युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए नई दिशा एवं प्रेरणा प्राप्त हुई।