International Mother Language Day 2026

महाविद्यालय साहित्य परिषद् एवं IQAC के संयुक्त तत्वाधान में 21 फरवरी 2026 को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर “Youth Voices on Multilingual Education” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन प्रातः 11:30 बजे कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन, कुलगीत एवं अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ ।
                 इस अवसर पर डॉ. स्नेहलता दास (PG H.O.D., Dept. of Bengali), डॉ. नीलू कुमारी (PG Dept. of Hindi), डॉ. आरती सिन्हा (PG H.O.D., Dept. of English) तथा प्रो. (डॉ.) हुमायूँ हुमा (PG H.O.D., Dept. of Urdu) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का विषय प्रवेश डॉ. अंतरा चौधुरी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के आयोजन के उद्देश्य एवं इतिहास पर प्रकाश डाला गया।
अपने संबोधन में डॉ. स्नेहलता दास ने 1952 के Bengali Language Movement का उल्लेख करते हुए बताया कि यह दिवस ढाका में मातृभाषा के सम्मान हेतु हुए ऐतिहासिक आंदोलन की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि 1999 में UNESCO द्वारा 21 फरवरी को International Mother Language Day घोषित किया गया, जिसे वर्ष 2000 से विश्वभर में मनाया जा रहा है।
प्रो. (डॉ.) नीलू कुमारी ने मातृभाषा के महत्व पर जोर देते हुए स्थानीय भाषाओं के संरक्षण एवं उनके व्यवहारिक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि भाषाई विविधता जीवित रह सके।
डॉ. आरती सिन्हा ने शिक्षा में बहुभाषिकता के महत्व तथा NEP 2020 के परिप्रेक्ष्य में मातृभाषा आधारित अधिगम की उपयोगिता पर विचार व्यक्त किए।
प्रो. (डॉ.) हुमायूँ हुमा ने सभी भाषाओं की समानता एवं उनके सम्मान की आवश्यकता पर बल देते हुए ‘शब्द’ के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया और उर्दू भाषा की मधुरता का उल्लेख किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिरुद्ध कुमार ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि भारत में लगभग 1600 तथा विश्व में करीब 7000 भाषाएँ हैं, और सभी भाषाओं का सम्मान एवं संरक्षण हम सबका दायित्व है। उन्होंने विभिन्न भाषाओं के अध्ययन एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति गर्व की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सुजाता कुमारी द्वारा किया गया। अंत में डॉ. दिव्या रानी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मीडिया रिपोर्टिंग का कार्य डॉ. वासिकुल खैर द्वारा संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की सफलता में साहित्य परिषद् के सदस्यों — बिजेन्द्र कुमार यादव, डॉ. मो० फिरोज आलम, डॉ. दिव्या रानी, डॉ. सुजाता कुमारी, डॉ. अंतरा चौधुरी एवं डॉ. वासिकुल खैर — का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।
संगोष्ठी में महाविद्यालय के शिक्षकगण डॉ० बलिराम प्र० सिंह, डॉ० अम्बिका कुमार, डॉ० प्रसुन प्रकाश, डॉ० अमित किशोर सिंह, डॉ० राजेश कुमार, डॉ० किरण कुमारी, डॉ० मोशर्रफ हुसैन, आशुतोष कुमार सिंह, डॉ० इंदु कुमारी, डॉ० मनोज कुमार, डॉ० कुंदन कुमार, डॉ० शशि कपूर दास, डॉ० स्वेता रानी, डॉ० कुंदन, डॉ० गोलक कुमार मंडल, डॉ० पवन कुमार, डॉ० आनंद कुमार, डॉ० मो० इर्शाद अली, डॉ० रेनू कुमारी, डॉ० ऋचा कुमारी, डॉ० एकांत चौधरी, डॉ० संजय कुमार, डॉ० तौहीद आलम उपस्थित रहे साथ ही महाविद्यालय के सभी कर्मी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे । कार्यक्रम उत्साह एवं ज्ञानवर्धक संवाद के साथ संपन्न हुआ ।


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