राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के द्वारा आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर–2026 के अंतर्गत दिनांक 07 फरवरी 2026 को बी. एन. कॉलेज, भागलपुर में एनएसएस तथा आई. क्यू. ए. सी. के संयुक्त तत्वावधान में एकदिवसीय अकादमिक सत्र का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में देश के 15 राज्यों से आए 210 एनएसएस स्वयंसेवक एवं दलनायक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. क्षमेंद्र कुमार सिंह, राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक (पटना) श्री विनय कुमार, विश्वविद्यालय एनएसएस समन्वयक डॉ. राहुल कुमार तथा पीजी इतिहास विभाग के डॉ. रविशंकर चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, टी.एम.बी.यू. कुलगीत एवं एनएसएस गीत के साथ हुआ। तत्पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य तथा ति. मां. भा.वि.वि. के पूर्व कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनिरुद्ध कुमार ने अपने संबोधन में भागलपुर नेशनल कॉलेज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कई सारी उपलब्धियों को देश के विभिन्न राज्यों से आयी टीम के समक्ष रखा, उन्होंने इस अवसर को अपने महाविद्यालय परिवार के लिए एक भावुक और अविस्मरणीय क्षण बतलाया और कहा कि NSS नेशनल इंटीग्रेशन कैंप का मकसद अलग-अलग बैकग्राउंड के युवाओं में एकता, ईमानदारी और राष्ट्रवाद को बढ़ावा देना है। यह देश भर के NSS वॉलंटियर्स को एक साथ लाता है ताकि एकता, आपसी समझ और अलग-अलग कल्चर, परंपराओं और मूल्यों के लिए सम्मान की भावना को बढ़ावा दिया जा सकेउन्होंने कहा कि यह शिविर नेशनल इंटीग्रेशन और विविधता में एकता को बढ़ावा देता है और युवाओं में इमोशनल जुड़ाव बढ़ाता है साथ हीं साथ कल्चरल लेन-देन और समझ तथा सामाजिक ज़िम्मेदारी और कम्युनिटी सर्विस की भावना को बढ़ावा देता है lअपने संबोधन में पूर्व कुलपति प्रो. क्षमेंद्र कुमार सिंह ने बिहार एवं भागलपुर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, खान–पान तथा ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से देशभर से आए स्वयंसेवकों को अवगत कराया और कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय की प्रतिष्ठा राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सुदृढ़ होगी।
डॉ. राहुल कुमार ने महाविद्यालय को सफल एवं भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए एनएसएस द्वारा किए जा रहे विभिन्न उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को सामाजिक सेवा से सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं डॉ. रविशंकर ने भागलपुर के गौरवशाली इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. दिव्या रानी, डॉ. कंचन सिंह एवं डॉ. किरण कुमारी द्वारा किया गया। उन्होंने भागलपुर की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक समृद्धि पर प्रकाश डालते हुए भागलपुरी रेशम, विक्रमशिला विश्वविद्यालय की धरोहर, विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन वन्यजीव संरक्षण, मंजूषा कला, गरुड़ प्रजनन, मंदार पर्वत, जीआई टैग प्राप्त उत्पादों जैसे भागलपुरी कतरनी चूड़ा, जर्दालु आम, मंजूषा कला से निर्मित उत्पाद आदि की विशेषताओं का उल्लेख किया। महाविद्यालय के पूर्व एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी तथा आई. क्यू. ए. सी. समन्वयक डॉ. अंबिका कुमार ने सभी एनएसएस स्वयंसेवकों का परिचय कराते हुए इकाई की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. आरती कुमारी, डॉ. बलिराम प्रसाद सिंह तथा बिजेंद्र कुमार यादव के अलावा सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. मो. इरशाद अली ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।अंत में सभी राज्यों से आए स्वयंसेवकों ने गूगल फॉर्म के माध्यम से कार्यक्रम का फीडबैक प्रदान किया। सभी प्रतिभागियों एवं दलनायकों ने आयोजन की भूरि भूरि प्रशंसा की। सहभोज के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।

