राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एकदिवसीय सेमिनार, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई-2 का उद्घाटन एवं महाविद्यालय पत्रिका “अंगप्रज्ञा” का विमोचन संपन्न

दिनांक : 02 अगस्त 2026
स्थान : कॉन्फ्रेंस हॉल, भागलपुर नेशनल कॉलेज, भागलपुर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भागलपुर नेशनल कॉलेज, भागलपुर द्वारा “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के 6 वर्षों की उपलब्धियाँ, प्रमुख सुधार एवं ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य” विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इसी अवसर पर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई-2 का विधिवत उद्घाटन तथा महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका “अंगप्रज्ञा” का विमोचन भी संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं उद्घाटनकर्ता प्रो. (डॉ.) बी. एस. झा, माननीय कुलपति, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर थे। उनके महाविद्यालय आगमन पर एन.सी.सी. कैडेट्स द्वारा मुख्य द्वार से प्राचार्य कक्ष तक स्काउटिंग एवं गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। तत्पश्चात माननीय कुलपति ने राष्ट्रीय सेवा योजना की द्वितीय इकाई का उद्घाटन किया।

सम्मेलन कक्ष में दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान एवं कुलगीत के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। इस अवसर पर माननीय कुलपति सहित सभी विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) रामाशीष पुर्वे, कुलसचिव, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, डॉ. ए. के. राय, माननीय पूर्व कुलपति, बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा, डॉ. के. के. सिंह, माननीय पूर्व कुलपति, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, डॉ. राहुल कुमार, विश्वविद्यालय कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना तथा प्रो. (डॉ.) दीपो महतो, प्राचार्य, टी.एन.बी. कॉलेज, भागलपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिरुद्ध कुमार ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, नवाचारयुक्त, कौशल-आधारित एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि भागलपुर नेशनल कॉलेज विश्वविद्यालय एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निरंतर कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका “अंगप्रज्ञा” का माननीय कुलपति एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा विधिवत विमोचन किया गया। पत्रिका में महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, शोध एवं सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों के साथ-साथ विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की रचनात्मक अभिव्यक्तियों को स्थान दिया गया है।

राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-2 की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. दिव्या रानी ने नवगठित इकाई के उद्देश्यों, कार्ययोजना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि यह इकाई विद्यार्थियों में सेवा, नेतृत्व, अनुशासन एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करेगी। उन्होंने नई इकाई के गठन हेतु माननीय कुलपति एवं विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक के प्रति आभार व्यक्त किया।

विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राहुल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2023 से विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों में एन.एस.एस. की द्वितीय इकाइयों का गठन किया जा रहा है, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं तथा गणतंत्र दिवस परेड में सहभागिता विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय रही है। उन्होंने भागलपुर नेशनल कॉलेज में द्वितीय इकाई के गठन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे युवाओं के व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

सेमिनार का विषय प्रवेश डॉ. अमित किशोर सिंह ने कराया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को वैश्विक प्रतिस्पर्धा, ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था एवं विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बताते हुए बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास एवं नवाचार आधारित शिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य विषय पर डॉ. एम.डी. फिरोज आलम एवं प्रो. (डॉ.) आरती कुमारी ने विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्षों की उपलब्धियों, प्रमुख सुधारों, बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार, कौशल विकास, अनुभवात्मक अधिगम, डिजिटल शिक्षा तथा विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण प्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी, लचीला एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आई है।

अपने संबोधन में डॉ. के. के. सिंह, माननीय पूर्व कुलपति, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय ने भागलपुर नेशनल कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन एवं शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना की। वहीं डॉ. ए. के. राय, माननीय पूर्व कुलपति, बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा को रोजगार, कौशल एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने वाली दूरदर्शी नीति है, जिसका प्रभावी क्रियान्वयन विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) दीपो महतो, प्राचार्य, टी.एन.बी. कॉलेज, भागलपुर ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन में महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने संस्थागत नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं सतत शैक्षणिक सुधार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सफलता का आधार बताया।

मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) बी. एस. झा, माननीय कुलपति ने अपने प्रेरक उद्बोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की उपलब्धियों एवं विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि Multiple Entry–Multiple Exit, Academic Bank of Credits (ABC), Indian Knowledge System (IKS), अनुभवात्मक अधिगम तथा कौशल-आधारित शिक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति की प्रमुख विशेषताएँ हैं, जो विद्यार्थियों को अधिक अवसर, लचीलापन एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप शिक्षा प्रदान करती हैं। उन्होंने विशेष रूप से भागलपुर नेशनल कॉलेज में प्रारंभ AEDP (Retail & E-Commerce Operations) पाठ्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के नवाचारपूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक साकार करेंगे तथा विकसित भारत@2047 के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेंगे।

कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा देशभक्ति एवं सामाजिक जागरूकता पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने सराहा।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. कंचन सिंह एवं डॉ. किरण कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. एम.डी. इरशाद अली ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन बिहार गीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के स्वयंसेवक, विभिन्न विभागों के विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, युवा सहभागिता, कौशल विकास तथा विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के प्रति महाविद्यालय की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध हुआ।